सृष्टि में धर्म ही शाश्वत है : नरेंद्रानंद सरस्वती
वाराणसी, मई 10 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। गीता संशय में पड़े जीव को शांति देती है। जीवन के सभी आध्यात्मिक और व्यावहारिक पक्ष का मूल गीता में समाहित है। सृष्टि में धर्म ही शाश्वत है। ये बातें काशी सुमेरु पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहीं। वह बीएचयू के मालवीय भवन में रविवासरीय गीता प्रवचन में बोल रहे थे। रविवार के संपूर्ती सत्र में उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में जितनी भी समस्याएं हो सकती हैं, उन सभी का समाधान गीता के किसी न किसी अध्याय में है। जीवन प्रबंधन का सबसे सहज ग्रंथ गीता ही है। सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रो. राजाराम शुक्ल ने कहा, यदि हम गीता के सूत्रों को अपने जीवन में उतार लें तो जीवन के मूल लक्ष्य की प्राप्ति सहज रूप से हो सकती है। प्रो. पतंजलि मिश्र ने कहा कि गीता के प्रत्येक अक्षर में जीवन जीने का सूत्र दिया हुआ ...
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