भागलपुर, जून 9 -- सियाराम मय सब जुग जानी, करहु प्रणाम जोरी जुग पानी, तुलसीदास जी द्वारा रचित इस दोहा का वर्णन करते हुए कथावाचिका देवी राजनंदिनी ने सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि इस संसार के हर रज कण में ईश्वर का वास है। मनुष्य इस संसार का सबसे बुद्धिमान जीव है इसलिए ईश्वर द्वारा रचित इस संसार में सभी जीवों का श्रद्धा, दया करुणा भाव से सेवा करना चाहिए। वर्तमान समय में मनुष्य को समय रहते सचेत होने की आवश्यकता है। उक्त बातें लखानी पोखर पर चल रहे भागवत कथा के दौरान छठे दिन कथावाचिका ने कही।
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