सृष्टि कल्याण के लिए हुई द्वादश ज्योतिर्लिंग की स्थापना
उन्नाव, मई 8 -- उन्नाव। पीडी नगर स्थित श्री बाबा विश्वनाथ मंदिर परिसर अटल उपवन में श्री शिव महापुराण कथा महायज्ञ के नौवें दिन शुक तीर्थ से आए कथावाचक विज्ञानानंद सरस्वती महाराज ने बताया द्वादश ज्योतिर्लिंगों की स्थापना सृष्टि के कल्याण के लिए हुई। हिंदू धर्म में 12 ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के सबसे पवित्र और स्वयंभू (स्वयं प्रकट) स्थान हैं, जो शिव पुराण के अनुसार ब्रह्मा और विष्णु के बीच श्रेष्ठता विवाद को सुलझाने के लिए प्रकाश के स्तंभ के रूप में प्रकट हुए थे। जो भारत के विभिन्न हिस्सों में स्थित हैं जिनमें सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमाशंकर, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वरम और घृष्णेश्वर शामिल हैं। पुराणों में भगवान शिव के 10 प्रमुख अवतारों को दशावतार कहा गया है, जो 10 महाविद्याओं (...
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