नई दिल्ली, सितम्बर 29 -- Surya nakshatra parivartan 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में आत्मा, साहस, मान-प्रतिष्ठा, पिता और नेतृत्व क्षमता के कारक सूर्य 27 सितंबर को अपने नक्षत्र में परिवर्तन कर चुके हैं। सूर्य उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र से निकलकर चंद्रमा के हस्त नक्षत्र में आ गए हैं और इस नक्षत्र में 10 अक्तूबर तक यानी करीब 14 दिन रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और चंद्रमा को आपस में मित्र माना गया है। चंद्रमा मन, मानसिक शांति और भावनाओं के कारक हैं। जब चंद्रमा के नक्षत्र में सूर्य आते हैं तो इस समय जातकों की रचनात्मक क्षमता, व्यापारिक बुद्धि और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होती है। सूर्य का हस्त नक्षत्र में गोचर मेष से लेकर मीन राशि पर अलग-अलग प्रभाव डालेगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह गोचर अत्यंत शुभ और लाभकारी रहने वाला है। इस समय कुछ ...