नई दिल्ली, अप्रैल 27 -- सूर्य ग्रहण को लेकर हर बार लोगों में अलग तरह की दिलचस्पी देखने को मिलती है। कोई इसे खगोलीय घटना के तौर पर समझना चाहता है तो कोई इसके धार्मिक और ज्योतिषीय पहलू को जानने में रुचि रखता है। सीधी बात करें तो सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में आ जाते हैं और चंद्रमा कुछ देर के लिए सूर्य की रोशनी को ढक लेता है। इस वजह से दिन में भी रोशनी कम हो जाती है और माहौल थोड़ा अलग महसूस होता है।साल का दूसरा सूर्य ग्रहण कब है?- पंचांग के अनुसार, साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा। इसका समय रात 9 बजकर 4 मिनट से शुरू होकर 13 अगस्त सुबह 4 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। समय भारत के अनुसार है, लेकिन यह ग्रहण यहां दिखाई नहीं देगा। वजह यह है कि जब ग्रहण लगेगा, उस समय भारत में रात होगी। सूर्य दिखाई नहीं देगा, इ...
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