अंबेडकर नगर, अक्टूबर 24 -- अम्बेडकरनगर, संवाददाता। कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से तीन दिनों तक मनाए जाने वाले लोक आस्था के महापर्व की तैयारी तेज हो गई है। तैयारी घर और घाट पर हो रही है। बाजार में खरीदारी हो रही है। खरीदारी से एक बार फिर बाजार की चहल पहल बढ़ गई है। बाजार में चहल पहल दिवाली पर्व की तरह हो गया है। हिंदू धर्म में षष्ठी देवी को भगवान भास्कर की मानस बहन बताया गया है। आचार्य उत्कर्ष तिवारी सचिन ने बताया कि प्रकृति के छठे अंश से षष्ठी माता की उत्पत्ति हुई है। उनकी उत्पत्ति बच्चों की रक्षा करने के लिए हुई है। इसीलिए बच्चों के जन्म के छठे दिन छठी पूजी जाती हैं, जिससे बच्चों के ग्रह-गोचर शांत हो जाए। कहा कि यह भी मान्यता है कि कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी को सूर्य को अर्ध्य देने से कई जन्मों का पाप खत्म हो जाता है और तन, मन व आत्मा ...
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