सासाराम, जून 15 -- सूर्यपुरा,एक संवाददाता। घर-घर शिक्षा का अलख जगाएंगे, बदलेंगे जमाना। जी हां उक्त पंक्ति को इन दिनों चरितार्थ करने में जुटे हैं सूर्यपुरा के उपेंद्र नाथ चौबे। बताया जाता है कि सूर्यपुरा निवासी उपेन्द्र गिरिडीह हजारीबाग स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य थे। वे सेवानिवृत के बाद अपने गांव सूर्यपुरा में रह रहे हैं। इस दौरान उन्होंने सूर्यपुरा की गिरती शैक्षणिक व्यवस्था को देख ठाना कि बच्चों को शिक्षित बनाएंगे। उन्होंने योजना बनाई कि क्यों नहीं यहां के छोटे बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर मजबूत किया जाए। उन्हें तकनीकी शिक्षा से जोड़ा जाए। इसके तहत उन्होंने कई सेवानिवृत शिक्षकों के सहयोग से मौनी बाबा कुटिया में पठन-पाठन कार्य शुरू कराया। प्रारम्भिक दौर में महज चार बच्चे पढ़ने के लिए आते थे। लेकिन, अब बच्चों की संख्या 40 से अधि...
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