मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 10 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। सूबे के 298 स्कूलों के भवन पांच साल बाद भी नहीं बन सके हैं। इनमें से कई स्कूल ऐसे हैं जिनके खुलने के बाद भवन निर्माण की योजनाओं को स्वीकृति भी मिल गई, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो सका। इसमें कई स्कूल ऐसे हैं जो भवन हीन होने के साथ भूमि हीन भी हैं। कहीं चयनित जमीन पर विवाद है तो कहीं अधिकारी जमीन ही नहीं खोज पाए हैं। ज्यादातर स्कूलों के लिए वर्ष 2020-21 में योजनाओं को स्वीकृति मिली थी। मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, भोजपुर जिले में सबसे अधिक ऐसे स्कूल हैं जिनके लिए जमीन की तलाश पांच साल में भी पूरी नहीं हो पाई है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला ने सहरसा जिला को छोड़कर सभी जिले के डीईओ को इसको लेकर निर्देश जारी किया है। बिना जमीन ही निर्माण के लिए निकला टेंडर : इन स्कूलों के भवन निर्माण को ...
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