मुजफ्फरपुर, मार्च 14 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। सूबे के अस्पतालों में कुत्ता काटने के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए इम्यूनोग्लोबिन की दवा नहीं है। पांच महीने से दवा की आपूर्ति नहीं हो रही है। मुजफ्फरपुर में एसकेएमसीएच से लेकर सदर अस्पताल तक दवा नहीं है। दवा नहीं होने से गंभीर मरीजों को सरकारी अस्पतालों से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इम्यूनोग्लोबिन दवा की कीमत बाजार में 20 हजार तक है। क्षेत्रीय अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अजय कुमार का कहना है कि इस बारे में जानकारी ली जायेगी और आगे की कार्रवाई की जायेगी।पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने कुत्ता काटने के इलाज के बारे में देश के सभी राज्यों के लिए आदेश जारी किया था। इसके तहत अस्पतालों में कुत्ते के प्रवेश पर रोक, रोक के लिए नोडल की बहाली करना और एंटी रैबीज वैक्सीन के साथ इम्यूनोग्लोबिन दवा को अनिव...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.