वाराणसी, दिसम्बर 28 -- वाराणसी। छावनी परिषद एवं दीपिका कल्चरल सोसाइटी ऑफ इंडिया के साप्ताहिक आयोजन 'वरुणा संध्या' में सूफी गायन हुआ। शनिवार को कैंटोनमेंट स्थित नेहरू पार्क में हुए आयोजन में दिव्यानंद विश्वकर्मा ने मेहंदी हसन की महशूर गजल 'रंजिशें ही सही' से गायन की शुरुआत की। इसके बाद 'मोहब्बत की शुरुआत कीजिए', 'जिधर जाते है सब जाना उधर अच्छा' के बाद गुलाम अली की गजल 'चुपके चुपके रात दिन आंसू बहाना याद है' से समापन किया। कलाकारों प्रमाण पत्र मुख्य अतिथि पारिणी कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नंदिता शास्त्री, पर्यटन उद्यमी अभिषेक सिंह एवं सोसाइटी के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने संयुक्त रूप से प्रदान किया।
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