बरेली, मार्च 4 -- 2026 का पहला चंद्र ग्रहण मंगलवार को पड़ा। ग्रहण से पहले सूतक लगते ही बरेली के सातों नाथ मंदिरों समेत सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिये गए। सूतक लगते ही मंदिरों में नियमित पूजा-पाठ रोक दिया गया। वहीं शाम को ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों की धुलाई व सफाई के बाद पूजन कर दर्शन के लिए कपाट खोले गए। परंपरा के अनुसार सूतक और ग्रहणकाल में पूजा-पाठ, मूर्ति स्पर्श और खाना-पीना वर्जित माना जाता है। इसी वजह से मंदिरों में सुबह की नियमित झांकियों और दर्शनों के बाद कपाट बंद कर दिए गए। सूतक सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हुआ। सभी मंदिरों के कपाट शाम में चंद्रग्रहण समाप्त होने के समय 6 बजकर 47 मिनट के बाद खोले गए। कपाट खुलने के बाद मंदिर की साफ सफाई हुई और फिर विधिवत पूजन कार्यक्रम आरंभ हुआ। बता दें कि मंगलवार को दोपहर तीन बजकर 20 मिनट पर ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.