सूचीबद्ध होने के बाद आईपीओ की असल परीक्षा होगी
नई दिल्ली, अक्टूबर 21 -- बाजार में पुरानी कहावत है कि जब चारों तरफ डर का माहौल हो, तब अच्छे शेयरों को भी खरीदार नहीं मिलते। क्योंकि निवेशक बहुत सावधान हो जाते हैं। लेकिन बुधवार, 21 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाज़ार में कुछ उलटा ही देखने को मिला। एक तरफ बाज़ार गिरावट से जूझ रहा था, दूसरी तरफ मुकेश अंबानी के जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में पैसा लगाने की जैसे होड़ मची थी। 30213 करोड़ रुपये का आईपीओ खुलने के महज़ सौ मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। यह देश के सबसे बड़े आईपीओ की सफलता ही नहीं, बल्कि शेयर बाज़ार के इतिहास में एक असाधारण घटना है। आखिर जियो में ऐसा क्या है कि निवेशकों ने बाज़ार की कमजोरी को भी नज़रअंदाज़ कर दिया? यह भी पढ़ें- जियो के आईपीओ से अच्छा मुनाफ मिलने की उम्मीदनिवेशकों ने जियो पर क्यों लगाया दांव इसका पहला जवाब है जियो...
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