रांची, जुलाई 20 -- रांची। दहेज प्रताड़ना और दूसरी शादी के मामले में सूचक (पीड़िता) तथा अनुसंधान पदाधिकारी की गवाही नहीं होने का लाभ आरोपियों को मिला। अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए न तो सूचक को अदालत में पेश कर सका और न ही आईओ का साक्ष्य दर्ज कराया। एकमात्र गवाह भी मुकर गया। इसके बाद न्यायिक दंडाधिकारी श्रृष्टि कुमारी की अदालत ने पति दीपक गोप और उसके पिता जयनाथ गोप को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

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