कन्नौज, मार्च 21 -- कन्नौज। पानी की अंधाधुंध बर्बादी अब भारी पड़ने लगी है। हालात यह हैं कि जिले के कई क्षेत्रों में हैंडपंप जवाब देने लगे हैं और जमीन से निकलने वाला पानी भी खराब होता जा रहा है। विश्व जल दिवस पर सामने आए आंकड़े साफ बताते हैं कि मामूली सुधार के बावजूद जलालाबाद और तालग्राम जैसे इलाके अति-शोषित श्रेणी में फंसे हुए हैं। अगर अब भी पानी के इस्तेमाल को लेकर सावधानी नहीं बरती गई, तो आने वाले समय में यह संकट और विकराल रूप ले सकता है। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ होता है कि कन्नौज में भूजल स्तर लगातार नीचे जाता रहा है। वर्ष 2021 में जहां जलस्तर लगभग 6 से 18 मीटर के बीच था, वहीं 2022 में यह 7 से 19 मीटर तक पहुंच गया। वर्ष 2023 में यह और गिरकर 7 से 20 मीटर के बीच दर्ज किया गया। वर्ष 2024 में स्थिति और चिंताजनक हो ग...