कुशीनगर, फरवरी 27 -- कुशीनगर। क्षेत्र के कुबेरस्थान स्थित प्राचीन भूपसागर पोखरा व जल्पा देवी मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन सूक्ष्म जंगल को सिर्फ इसलिए काट दिया गया कि वहां गो आश्रम केंद्र बनाए जाएंगे। दशकों पुराने विशाल पेड़ों के कट जाने से यह जंगल खत्म हो गया। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होते देख समाजसेवी आशीष सिंह ने एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) दिल्ली का दरवाजा खटखटाया। एनजीटी ने इसे गंभीरता से लिया। मामला डीएम तक पहुंचने के बाद टीम गठित कर जांच कराई और शिकायतकर्ता का पक्ष भी सुना। इसके बाद डीएम ने कटे हुए जंगल की भरपाई मियावाकी पद्धति से पुन: जंगल बसाकर कराने के निर्देश दिए हैं। कुबेरस्थान शिवमंदिर के समय का ही प्राचीन भूपसागर पोखरा, जल्पा देवी मंदिर और यहां का सूक्ष्म जंगल बताया जाता है। इस जंगल में विशाल पेड़ हुआ करते थे। प्रानछपरा क...
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