झांसी, जून 29 -- झांसी। सूक्ष्मजीवियों पर आधारित खेती को किसान चुनें। कीटानाशकों का उपयोग करें। मिट्टी में छिपे अदृश्य पोषक तत्व उपज को बढ़ाएंगे। यह बात रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी के बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. उमेश पंकज व डॉ. बृज बिहारी शर्मा ने किसानों के लिए कही। बताया,मिट्टी के स्वास्थ्य संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि के लिए लाभकारी सूक्ष्मजीवों पर आधारित जैव उर्वरकों और जैव कीटनाशकों का अधिकाधिक उपयोग करें। अदृश्य मित्र सूक्ष्मजीवों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आधुनिक कृषि में रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता, जैव विविधता तथा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता। सूक्ष्मजीव आधारित तकनीकें मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग तथा सतत् कृष...