सीवान, अक्टूबर 7 -- जीरादेई, एक संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के सूरवल गढ़ में स्थापित एक प्राचीन पत्थर की प्रतिमा क्षेत्र के बौद्ध एवं पुरातात्विक इतिहास के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तीतिर स्तूप से करीब तीन किलोमीटर दक्षिण सूरवल गढ़ में घनश्याम सिंह के भवन परिसर स्थित मंदिर में यह प्रतिमा स्थापित है।

प्रतिमा के अध्ययन शोध के क्रम में सोमवार को शोधार्थी डा. कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि प्रतिमा की बनावट, सिर पर दिखाई देने वाला जटामुकुट तथा उसके मध्य स्थित छोटी बुद्ध-आकृति जैसी संरचना विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है। इन कलात्मक विशेषताओं के आधार पर प्रतिमा पालकालीन बौद्ध कला से संबंधित प्रतीत होती है। इसकी पहचान संभावित रूप से अवलोकितेश्वर अथवा किसी अन्य बोधिसत्व की प्रतिमा के रूप में की जा सकती है, हालांकि अंतिम निष्कर्ष के लि...