रिषिकेष, मार्च 14 -- उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं लेखक गांव, थानो देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय विरासत कला उत्सव के दूसरे दिन शास्त्रीय संगीत और वादन की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रागों की गूंज, सुरों की मधुरता और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच पूरा सभागार सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर हो उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि दायित्वधारी डॉ. जयपाल चौहान ने किया। सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक डॉ. अवधेश प्रताप सिंह तोमर ने अपनी भावपूर्ण गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने शास्त्रीय गायन के अंतर्गत राग जोगकोन्स में विलंबित ख्याल "अब तो नंदलाल" को ताल रूपक में निबद्ध कर प्रस्तुत किया। इसके पश्चात द्रुत ख्याल "अब की बार लीजो उबार" को तीनताल में सुन...
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