धनबाद, जनवरी 4 -- धनबाद, वरीय संवाददाता अखिल भारतीय एससी-एसटी और ओबीसी संयुक्त मोर्चा की ओर से सहयोगी नगर में सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई गई। समारोह को संबोधित करते हुए संयुक्त मोर्चा के डॉ कामता प्रसाद ने कहा कि सावित्रीबाई फुले स्त्री नवजागरण की प्रतीक है। उन्होंने स्त्रियों और हाशिये पर खड़े लोगों के लिए 1848 में महाराष्ट्र में बालिका विद्यालय की स्थापना की। बताया कि जो कार्य बंगाल में राजा राममोहन राय कर रहे थे, वही काम महाराष्ट्र में सावित्रीबाई फुले कर रही थी। शिक्षक नंदकिशोर सिंह ने कहा कि सावित्रीबाई फुले सामाजिक क्रांति की अग्रदूत थीं। समाज को बदलने का उनमें जुनून था। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से प्रेरित होकर समतामूलक समाज की स्थापना के लिए संघर्ष करने की आवश्यकता है। स्त्री शिक्षा के लिए सावित्रीबाई फुले ने अद्भुत कार्य किया...