लखनऊ, मार्च 30 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता जनवादी लेखक संघ की ओर से कैफी आजमी अकादमी में लेखक सुभाष राय की पुस्तक आत्मसम्भवा आण्डाल का विमोचन किया गया। विमोचन के बाद साहित्यकारों ने पुस्तक पर चर्चा भी की।कार्यक्रम की शुरुआत सुभाष राय के साहित्य सृजन और उनके रचनाकर्म पर प्रकाश डालते हुए की गई। कार्यक्रम का संचालन ज्ञान प्रकाश चौबे ने किया। लेखक सुभाष राय ने कहा कि आंडाल पर काम करते हुए उन्होने लगातार एक मानसिक द्वंद्व महसूस किया। उन्हें आंडाल की दो छवियां दिखाई पड़ती हैं, एक लोगों द्वारा गढ़ी गयी छवि जिसमें उनको देवी का दर्जा दे दिया गया और एक उनकी स्वयं के मन में उपजी छवि जिसमें आंडाल एक अनन्य भक्तिन के रूप में दिखाई पड़ती हैं । वरिष्ठ आलोचक नलिन रंजन सिंह ने कहा कि आंडाल के बारे में पढ़ा था परंतु आंडाल के बारे में जानकारी उन्हें इस पुस्त...
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