सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की प्रभाती में गुरुवार को अस्सी घाट पर प्रशिक्षु कलाकार नियति वर्मा का शास्त्रीय गायन हुआ।
वाराणसी, मई 22 -- वाराणसी। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की प्रभाती में गुरुवार को अस्सी घाट पर प्रशिक्षु कलाकार नियति वर्मा का शास्त्रीय गायन हुआ। उन्होंने राग गुर्जरी तोड़ी में निबद्ध पारंपरिक बंदिश 'पार करो मोरी नइया' से शुरुआत की। दादरा 'चला रे परदेसिया नैना मिलाई के' से गायन को विस्तार दिया। समापन भजन से किया। तबले पर पं.अनंग गुप्त और हारमोनियम पर कृपा सिंधु ने संगत की। यह भी पढ़ें- प्रभाती में प्रशिक्षु नियति का शास्त्रीय गायन
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