नई दिल्ली, अक्टूबर 6 -- सुबह की शुरुआत जिस तरह होती है, उसका असर पूरे दिन के मूड और सोच पर भी पड़ता है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं में सुबह का समय प्रार्थना, ध्यान और मंत्र जाप के लिए खास माना गया है। ऐसी ही एक मान्यता 'सूर्य प्रभा समृद्धि' शब्दों के स्मरण से जुड़ी है। माना जाता है कि सुबह इन शब्दों को श्रद्धा से बोलने पर मन में सकारात्मकता और उत्साह का भाव बना रहता है।'सूर्य प्रभा समृद्धि' का क्या है अर्थ? 'सूर्य प्रभा समृद्धि' तीन शब्दों से मिलकर बना भाव है। सूर्य को जीवन, प्रकाश और ऊर्जा का स्रोत माना जाता है। ज्योतिष में सूर्य आत्मविश्वास, सम्मान और व्यक्तित्व से जुड़ा ग्रह माना गया है। 'प्रभा' का अर्थ प्रकाश, चमक और तेज होता है, जबकि 'समृद्धि' खुशहाली, संपन्नता और सुख-शांति का भाव रखता है। इसलिए इन शब्दों का भाव प्रकाश, ऊर्जा और खुशहाली...