नई दिल्ली, अगस्त 5 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गुरुग्राम के हैदरपुर में 274 एकड़ से ज्यादा विवादित जमीन का मालिकाना हक गुरुग्राम नगर निगम (एमसीजी) को वापस दे दिया। कोर्ट ने कहा कि यह जमीन 'शामलात देह' (गांव की साझा जमीन) है और इसे सिर्फ इसलिए निजी संपत्ति नहीं माना जा सकता क्योंकि राजस्व अभिलेखों में गांव के मालिकों (प्रोप्राइटर) के नाम दर्ज हैं। शीर्ष ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के 2007 के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें इस जमीन पर निजी मालिकाना हक के दावों को मान्यता दी गई थी। न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि यह जमीन हरियाणा कॉमन लैंड्स (रेगुलेशन) एक्ट, 1961 के तहत आती है। कोर्ट ने वजीराबाद की तत्कालीन ग्राम पंचायत के पक्ष में 13 सितंबर, 1955 को हुए म्यूटेशन (स्वामित्व परिवर्तन) को सही ठहराया। ...