नई दिल्ली, अगस्त 18 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि हाथियों के साथ ईश्वर के स्वरूप के रूप में सम्मान और संवेदनशीलता से व्यवहार किया जाना चाहिए। अदालत ने देशभर में बंदी हाथियों (पालतू हाथियों) की उचित देखभाल और नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। एक एनजीओ की ओर से दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा वी. मोहना की पीठ ने कहा कि अदालत मंदिरों में हाथियों को रखने के धार्मिक अधिकार या इसके पीछे की आस्था के सवाल में नहीं जाएगी।

हाथियों की उचित देखभाल पीठ ने कहा कि उसका ध्यान केवल हाथियों की उचित देखभाल पर है। निजी लोगों, मंदिरों, वन विभागों, चिड़ियाघरों और पुनर्वास केंद्रों को कैद में रखे गए हाथियों के लिए बेहतर देखभाल के तरीके अपनाने चाहिए। पीठ ने कह...