नई दिल्ली, फरवरी 16 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के खिलाफ केंद्र द्वारा प्रस्तुत वीडियो के ट्रांसक्रिप्ट (लिखित प्रतिलिपि) को लेकर सवाल उठाए और कहा कि एआई के दौर में अनुवाद बिल्कुल सटीक होना चाहिए। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज से कहा कि सरकार वांगचुक के बयानों की वास्तविक ट्रांसक्रिप्ट पेश करे, क्योंकि वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि कार्यकर्ता के नाम पर कुछ ऐसे शब्द जोड़े गए हैं, जो उन्होंने कभी कहे ही नहीं। पीठ ने कहा कि श्रीमान सॉलिसिटर, हमें भाषण की वास्तविक ट्रांसक्रिप्ट चाहिए। जिस पर उन्होंने भरोसा किया है और जो आप कह रहे हैं, वह अलग है। हम निर्णय करेंगे। उन्होंने जो कहा है, उसकी वास्तविक प्रतिलिपि होनी चाहिए। आपके पास अपने ...