गोरखपुर, अप्रैल 23 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। झूठे मुकदमों को दर्ज कराने वाले मामले में परिवाद दाखिल करने के अनिवार्यता को सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद अब पुलिस ऐसे लोगों का अपने पास रिकॉर्ड रख सकेगी और पहले की तरह अधिक गंभीर मामलों में ही परिवाद दाखिल कर सकेगी। डीजीपी ने भी अपने पुराने आदेश को निरस्त करते हुए नया आदेश जारी कर दिया है। दरअसल, हाईकोर्ट ने अपने पूर्व के आदेश में कहा था कि यदि कोई व्यक्ति झूठा मुकदमा दर्ज कराता है, तो उसके खिलाफ अनिवार्य रूप से परिवाद दाखिल किया जाए। इस आदेश का उद्देश्य फर्जी मुकदमों पर अंकुश लगाना था, लेकिन इसे लेकर कई कानूनी और व्यावहारिक सवाल उठने लगे थे। इसके बाद मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, जहां सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के निर्देश को निरस्त कर दिया गया।सुप्...
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