नई दिल्ली, अगस्त 4 -- कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने देश की सबसे बड़ी अदालत से आए एक स्पष्टीकरण को अपनी बड़ी जीत बताया है। सीजेपी आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर की वापसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जो कुछ कहा उसे सुनकर इसके कर्ताधर्ता गदगद नजर आए। सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देशों के बाद अब यह साफ हो गया है कि सरकार एफआईआर वापसी को लेकर स्वतंत्र है और जघन्य अपराधों में शामिल लोगों को छोड़कर अन्य को राहत दे सकती है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि दिल्ली और अन्य राज्यों की सरकारें नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को कानून के अनुसार बंद कर सकती हैं या उन्हें वापस ले सकती हैं, बशर्ते उनका गंभीर और जघन्य अपराधों का कोई 'आपराधिक रिकॉर्ड' नहीं हो। देश की सबसे बड़ी अदालत का स्पष्टीकरण केंद्र सरकार के उस बयान ...