नई दिल्ली, सितम्बर 21 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) का एक आदेश रद्द कर दिया। आयोग ने एक इंश्योरेंस कंपनी को 2009 में आग लगने की घटना के बाद एक कंपनी को Rs.2.4 करोड़ का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था। मामले में इंश्योरेंस पॉलिसी की दो शर्तों का जिक्र करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कंपनी ने इनका 'साफ तौर पर उल्लंघन' किया था। कोर्ट ने कहा कि जहां एक शर्त के तहत कंपनी को सभी जरूरी पहलुओं का ईमानदारी से और पूरा खुलासा करना था, वहीं दूसरी शर्त में कहा गया था कि वह कोई झूठी घोषणा न करे। न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ ने कहा कि अगर कोई बीमित व्यक्ति पॉलिसी की शर्तों के उलट अपने दावे को मजबूत करने के लिए झूठे बयान देता है, तो इंश्योरेंस कंपनी कानूनी रूप से ऐसे दावे...