नई दिल्ली, मार्च 21 -- Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि लोगों को हमारे फैसलों की आलोचना करने का अधिकार है। शीर्ष अदालत ने एनसीईआरटी की 8वीं कक्षा की पुरानी सामाजिक विज्ञान की किताब से अदालती फैसलों के खिलाफ की गई टिप्पणी को हटाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए यह टिप्पणी की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा कि किसी फैसले के बारे में अपनी राय जाहिर करना गलत नहीं है। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा कि 'यह किसी फैसले के बारे में एक राय है। यह एक स्वस्थ आलोचना है। न्यायपालिका को इस बात को लेकर इतना अधिक संवेदनशील क्यों होना चाहिए? किताब का यह हिस्सा बताता है कि न्यायपालिका की बनावट कैसी है, वे कैसे काम करते हैं और क्या-क्या कि...