सिद्धार्थ, फरवरी 6 -- बांसी, हिन्दुस्तान संवाद। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये प्रतिमाह करने व नियमित माने जाने के ऐतिहासिक निर्णय के बाद जनपद के अनुदेशक शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई। वर्षों से चल रहे संघर्ष, धरना-प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई के बाद आए फैसले को अनुदेशकों ने अपने सम्मान और अधिकार की जीत बताया है। परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनिल पांडेय ने बताया कि यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों के धैर्य, एकजुटता और निरंतर संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायपालिका ने शिक्षा से जुड़े हजारों परिवारों को राहत दिया है। मीडिया प्रभारी सत्यपाल सिंह कौशिक ने कहा कि यह सिर्फ मानदेय वृद्धि नहीं बल्कि सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। यह निर्णय अन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.