प्रयागराज, अगस्त 16 -- प्रयागराज। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों की प्राचार्य भर्ती 2019 में सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बावजूद उच्च शिक्षा विभाग के अफसर मनमानी पर आमादा हैं। मेरठ कॉलेज के प्राचार्य नियुक्ति विवाद में सर्वोच्च न्यायालय ने 19 मई के अपने फैसले में उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों के रवैए पर कड़ी नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव से ऐसे अधिकारियों के आचरण की जांच करने पर विचार करने की बात कही थी, जिन्होंने न्यायालय के समक्ष ऐसा हलफनामा दाखिल किया जो कानून के अनुरूप नहीं था।

भर्ती विवाद और उच्च शिक्षा विभाग डॉ. मनोज कुमार रावत की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका में शीर्ष अदालत ने कहा था कि 21 अगस्त 2023 को नया उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम, 2023 लागू होने के बाद पुराने अधिनियम के तहत तैयार चयन सूची...