इटावा औरैया, जनवरी 7 -- इटावा, संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों, स्कूलों और संस्थागत क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की मौजूदगी पर गंभीर टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के दो महीने पूरे होने के बाद भी आवारा कुत्तों को हटाने और उनके वैक्सीनेशन को लेकर ठोस कदम नहीं उठाये गये। इससे लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है। कुत्तों का आतंक शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कोई कम नहीं है। 7 नवंबर से लेकर 7 जनवरी तक जिले में पांच हजार एक सौ से अधिक लोगों को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया है। कुत्तों की संख्या में दिनोंदिन होती बढ़ोतरी लोगों के लिये परेशानी का सबब बना हुआ है। लेकिन कुत्तों को पकड़ने के साथ उनकी जनसंख्या को रोकने के कोई इंतजाम जिले की नगर पालिकाओं के पास नहीं हैं। शहर में ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है जहां पर कुत्तों का आतंक न हो। स्कूल कॉलेज से लेकर सरका...
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