कन्नौज, जुलाई 6 -- तिर्वा, संवाददाता। इंडियन बैंक की शाखा तिर्वा का एक डेयरी लोन का मामला कई वर्षों से चल रहा था। जिसको लेकर ऋण धारक ने उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय में रिट दायर की थी। जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुलह-समझौते के आधार पर अनोखी पहल के चलते जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा वर्षों पुराना विवाद निपट गया है। जिसपर ऋण कर्ता ने टोकन मनी के रूप में बैंक प्रबंधक को विधिक न्यायालय में चेक सौंप दी। इंडियन बैंक की शाखा तिर्वा के प्रबंधक ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी शाखा से विमलेन्द्र सिंह वघेल द्वारा कामधेनु योजना के तहत बैंक से 39 लाख रूपए का डेयरी लोन लेकर डेयरी उद्योग स्थापित किया था। कोरोना काल में खाता खराब हो जाने से बैंक द्वारा 25 लाख में एक मुस्त समाधान योजना के अंतर्गत सेटलमेन्ट किया गया था, लेकिन ऋण कर्ता ने...