सुपौल, नवम्बर 7 -- सुपौल, एक प्रतिनिधि। एक ओर सरकार जहां कुपोषण दूर करने के लिए तरह-तरह की योजना चलाकर कुपोषण मुक्त करने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ आंगनबाड़ी केंद्र में सप्ताह में तीन दिन सेविकाओं द्वारा मौसमी फल दिया जाता है। आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने वाले स्कूल पूर्व के 40 बच्चों के लिए फल खरीदने को विभाग द्वारा कुल 43 रुपए दिए जाते हैं। वहीं बाजार में एक रुपए में सुपारी भी अब नहीं मिलती। ऐसे में सेविकाओं के सामने बच्चों को मौसमी फल खिलाने की विवशता है। गौरतलब है कि गरीब बच्चों व महिलाओं को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए गांवों में आंगनबाड़ी केन्द्र चलाए जा रहे हैं। यहां बच्चों को तीन दिन मौसमी फल दिया जाता है। आंगनवाड़ी केंद्र के स्कूल पूर्व 40 बच्चों के लिए हर केन्द्र को सप्ताह में मात्र 129 रुपये मिलते हैं। यानि एक बच्चे के लिए ...
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