सुपौल : साहब, अंडा खिलाया तो बच्चे हो जाते हैं अचेत
सुपौल, मई 14 -- त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि। साहब, अंडा खिलाते हैं तो आंगनबाड़ी के बच्चे सेंसलेस (अचेत) हो जाते हैं। इसलिए बच्चों को अंडा नहीं दिया जाता है। यह कहना है त्रिवेणीगंज प्रखंड स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 64 की सेविका मंजू देवी का। जब इस बारे में महिला पर्यवेक्षिका (एलएस) से पूछा गया तो उन्होंने एक चांस देने की बात कहकर मामला रफा-दफा करने की पेशकश की।
सरकारी खर्च और कुपोषण दरअसल, सरकार एक तरफ बच्चों के कुपोषण को मिटाने के लिए प्रतिमाह करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर जिम्मेदार लोग ही अंधविश्वास और लापरवाही की चादर ओढ़कर बैठे हैं। ताजा मामला त्रिवेणीगंज प्रखंड के दपरखा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-64 का है, जहां व्यवस्था सुधारने के बजाय उसे 'सेंसलेस' जैसे अजीब तर्कों की भेंट चढ़ाया जा रहा है।
केंद्र क...
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