सुपौल, अप्रैल 5 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में रसोई गैस की किल्लत के बीच प्रशासन ने अब संस्थागत उपभोक्ताओं की जरूरतों का आकलन तेज कर दिया है। जीविका और अन्य संस्थानों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) द्वारा विभिन्न इकाइयों की मासिक गैस आवश्यकता को स्वीकृति दी गई है, ताकि आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। रिपोर्ट के अनुसार, जिले में संचालित 11 "दीदी की रसोई" को हर माह करीब 780 सिलेंडरों की जरूरत है। वहीं, दो कल्याण छात्रावासों के लिए 90 सिलेंडर, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) के लिए 100 से 120 सिलेंडर और 13 कस्तूरबा बालिका विद्यालयों के लिए 182 सिलेंडरों की आवश्यकता तय की गई है। इसके अलावा जिला कारागार को हर माह 225 सिलेंडर, दो बाल गृहों को 24 सिलेंडर और बीएमपी इकाई को 182 सिलेंडरों की...
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