सुपौल, मई 4 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने का असर अब आम लोगों से लेकर कारोबारियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर तक साफ दिखने लगा है। पुल बंद होने के कारण बसों और ट्रकों को वैकल्पिक मार्ग से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे दूरी, समय और खर्च तीनों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर किराया और निर्माण सामग्री के दाम पर पड़ने लगा है। यह भी पढ़ें- विक्रमशिला पुल धंसने से फल व अनाज व्यापारियों पर पड़ेगा प्रतिकूल असरबसों का संचालन जिला बस ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष मंटू यादव और मोतीउर्रहमान ने बताया कि फिलहाल बसों का संचालन नौगछिया तक किया जा रहा है, जिसके लिए 220 रुपये किराया तय किया गया है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि वैकल्पिक मार्ग लंबा होने के कारण आगे किराया बढ़ाना पड़ सकता है। इस पर जल्द ही विचार-विमर्श कर अंतिम निर्ण...