सुपौल, जुलाई 5 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। पिपराही में रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मौके पर विमलेश ने बताया कि भारत में बाल विवाह को समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा शुरू किया गया यह एक व्यापक ढांचा है। यह कमजोर समुदायों, स्थानीय हितधारकों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को ठोस कानूनी उपकरण, पुनर्वास सहायता और शैक्षिक मार्ग प्रदान करता है। इस पहल के तहत स्थानीय आशा कार्यकर्ताओं की इकाइयां स्थापित की जाती हैं। ये इकाइयां कमजोर बच्चों और पीड़ितों की पहचान करती हैं। साथ ही उन्हें सुरक्षित स्थान, परामर्श और प्रत्यक्ष कानूनी सहायता सेवाएं प्रदान करती हैं। यह भी पढ़ें- Bhabua News: महिलाओं व बच्चों के कानुनी अधिकारों की दी गयी विधिक शिविर में जानकारी जबकि पीड़ि...