सुपौल, अगस्त 13 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। अदालत का आदेश, तारीख पर तारीख और पुलिस को बार-बार भेजे गए निर्देश... इसके बावजूद डिस्टेस वारंट का तामिला नहीं हुआ। भरण-पोषण से जुड़े एक मामले में करीब एक साल से जारी वारंट के निष्पादन में हुई देरी पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय राहुल उपाध्याय ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने गम्हरिया थानाध्यक्ष के बाद अब मधेपुरा एसपी के स्तर पर भी आदेश के अनुपालन में गंभीर लापरवाही पर टिप्पणी की है।

मामले की पृष्ठभूमि न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि परिस्थितियों से ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस मधेपुरा एसपी ने न्यायालय द्वारा पारित आदेशों की जान-बूझकर अवमानना की है। प्रधान न्यायाधीश राहुल उपाध्याय की कोर्ट ने 11 अगस्त 2026 को विविध वाद संख्या 02/2025, दुलारी देवी एवं अन्य बनाम पवन कुमार की सुनवाई के दौ...