सुपौल, अप्रैल 14 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में दलहन की प्रमुख फसल मूंग का रकबा लगातार घटता जा रहा है। खेतों की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में अहम भूमिका निभाने वाली इस फसल से किसानों का मोह अब धीरे-धीरे खत्म होता दिख रहा है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते दो वर्षों में मूंग की खेती के रकबे में करीब 5 से 6 हजार हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई है। पहले जहां लगभग 20 हजार हेक्टेयर में इसकी खेती होती थी, वह अब घटकर 15 हजार हेक्टेयर पर सिमट गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आया है। यह भी पढ़ें- सुपौल : मूंग से मोहभंग, जूट की खेती बन रही किसानों की पसंद पिछले कुछ वर्षों में मानसून की अनिश्चितता, समय पर बारिश नहीं होना और तेज गर्मी ने मूंग की खेती को बुरी तरह प्रभावित किया है। रबी फ...
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