सुपौल, अप्रैल 4 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में बढ़ती गर्मी और पछुआ हवा के कहर ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रबी फसलों पर 'हीट स्ट्रेस' का असर साफ दिखने लगा है। खासकर गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों में दाने सिकुड़ने लगे हैं, जिससे उत्पादन में 5 से 10 प्रतिशत तक गिरावट की आशंका जताई जा रही है। वहीं सब्जियों और दलहनी फसलों में कीट व सुंडी का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। जिले में शनिवार को मौसम का मिजाज अचानक बदला और तेज पछुआ हवा के कारण अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक है। यह पिछले एक दशक में चार अप्रैल का सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। सुबह 10 बजे के बाद ही गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों के साथ-साथ फसलों को भी झुलसाना शुरू कर दिया। दिन में नमी घटकर मात्र 30 प्रतिशत रह गई, जिससे खेतों में नम...
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