सुपौल, अप्रैल 13 -- सुपौल, कार्यालय संवाददाता। जिले में संचालित बुनियाद केन्द्रों का उद्देश्य वृद्ध, विधवा एवं दिव्यांगजनों तक सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, लेकिन सुपौल में संसाधन व कर्मी के अभाव में जरूरतमदों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। खासकर वर्कशॉप की कमी के कारण दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। स्थिति यह है कि सुपौल जिला मुख्यालय स्थित केन्द्र से रोजाना 20 से 30 जरूरतमंद निराश होकर लौट रहे हैं। वहीं अन्य तीनों अनुमंडलों में स्थिति और गंभीर है। दरअसल जिले के किसी भी बुनियाद केन्द्र में कृत्रिम अंग निर्माण की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। यह भी पढ़ें- सुपौल : बुनियाद केन्द्र में नहीं खुली वर्कशॉप, दिव्यांगों को नहीं मिल रहा कृत्रिम अंग का लाभ कर्मियों के अनुसार, सुपौल में वर...
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