सुपौल : बाल विवाह से लगातार बढ़ रही मातृ-शिशु मृत्यु दर
सुपौल, जून 18 -- सुपौल, एक संवाददाता। जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बाल विवाह मुक्त पंचायत के निर्माण को ले बिहार सरकार भवन करीहो में गुरुवार को बाल विवाह उन्मुखीकरण कार्यक्रम के साथ सखी वार्ता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुखिया नीलम देवी ने की। इस बाबत जिला हब फार इम्पावरमेंट आफ वीमेन के जिला मिशन समन्वयक हरिनारायण कुमार ने बताया कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति नहीं है, बल्कि यह बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य के अधिकारों का हनन भी है। भारत में बाल विवाह निषेध है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार लड़कियों की विवाह योग्य आयु 18 वर्ष तथा लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित की गई है। इससे कम आयु में विवाह कराना कानूनन अपराध है। बाल विवाह के कारण...
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