सुपौल : नौ महीने से स्वच्छा कर्मियों को नहीं मिला है मानदेय, स्वच्छता अभियान ठप
सुपौल, जून 10 -- त्रिवेणीगंज , निज प्रतिनिधि। गांवों को शहर जैसी चकाचक सफाई व्यवस्था देने के सरकारी दावे कुछ ही दिनों में दम तोड़ दिया है। विभागीय उदासीनता और विगत नौ महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण प्रखंड की पंचायतों से जुड़े स्वच्छता कर्मी भारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
स्वच्छता अभियान की स्थिति मानदेय न मिलने और सफाई उपकरणों के खराब होने से अधिकांश पंचायतों में स्वच्छता अभियान ठप हो गया है। स्थिति यह है कि लाखों की लागत से बने वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट में ताला लटक गया है, जिसका असर अब गांवों की साफ-सफाई पर दिखने लगा है। स्वच्छता अभियान के तहत गांवों में डोर-टू-डोर कचरा उठाव और उसके निष्पादन के लिए प्रत्येक पंचायत में करीब 7 लाख 50 हजार रुपये की लागत से वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट का निर्माण कराया गया था।
ग्रामीणों की प्रतिक्...
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