सुपौल, मार्च 17 -- सुपौल। नगर परिषद की सोमवार को हुई आपातकालीन बोर्ड बैठक में सदर थाना पुलिस की कथित बर्बरता और मनमानी के खिलाफ कड़ा आक्रोश जताया गया। बैठक में सर्वसम्मति से सदर थानाध्यक्ष राम सेवक रावत समेत कई पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर मामले में कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही नगर परिषद कर्मियों और सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। बैठक में वार्ड पार्षद गगण ठाकुर ने सदन को बताया कि 15 मार्च की रात करीब 12 बजे सदर थाना पुलिस नगर परिषद के उच्च वर्गीय लिपिक मो. असजद आलम के घर पहुंची। आरोप है कि पुलिस ने बिना कारण घर का दरवाजा तोड़कर प्रवेश किया और असजद आलम सहित देवाशीष मिश्रा, संतोष कुमार, मुन्तजीर अली और अन्य परिजनों के साथ मारपीट की। उन्हें जबरन थाना ले जाकर कथित रूप से थर्ड डिग्री दी गई...
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