सुपौल, मार्च 12 -- कुनौली,निज प्रतिनिधि। विभिन्न स्तरों पर पौधरोपन की पहल तेज हुई है। इसके बाद भी दो दशक पहले जितने तादाद में गांव से लेकर शहर तक में पौधे लगे थे, उसका 30 फीसदी ही भरपायी संभव हो पाया है। अतिपिछड़ा प्रकोष्ट के प्रदेश महासचिव नन्द किशोर सिंह , जेपी सम्मान सेनानी राम प्रसाद कामत, पूर्व मुखिया राम सेवक कामत सहित अन्य समाजसेवी ने बताया कि इसका प्रमुख कारण है कि लोगों में मकान बनाने की होड़ से लगी है। शहर में अपार्टमेंट बनाने के लिए जिस तरह से खेत और पौधे को खत्म किया जा रहा है, वह गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने बताया कि पौधे काफी नष्ट हुए और काफी विलंब से पौधे लगाने का काम शुरू हुआ। इसलिए वह स्थिति अभी नहीं आ सकी है। इसके विपरित पहले प्रदूषण के जितने साधन व सुविधाएं थी, उसमें दस गुना की वृद्धि हो गयी है।
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