सुपौल, अप्रैल 15 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में तेलहन की खेती लगातार सिमटती जा रही है, जिससे उत्पादन मांग के मुकाबले बेहद कम रह गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार राज्य में प्रति व्यक्ति तेलहन उत्पादन महज 10 ग्राम है, जिससे करीब 96 प्रतिशत की कमी बनी हुई है। जिले में लगभग 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ही तेलहन की खेती हो रही है, जो आवश्यकता के अनुरूप काफी कम है। इसका सीधा असर बाजार में तेल की उपलब्धता और कीमतों पर भी पड़ रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जिले में बाढ़ और जलजमाव सबसे बड़ी बाधा है। किशनपुर, मरौना, सदर और सरायगढ़ प्रखंडों में हर वर्ष बाढ़ के कारण खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहती है, जिससे सरसों जैसी फसलों की समय पर बुवाई नहीं हो पाती। यह भी पढ़ें- आंधी और बारिश से तेलहनी फसलों को भारी नुकसान, घट गयी पैदावार वहीं, असिंचित क्...