सुपौल, मई 8 -- सुपौल, कार्यालय संवाददाता। श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से श्रम संसाधन विभाग द्वारा बिहार जन शताब्दी योजना के तहत शिक्षा सहायता दी जाती है, जिसके तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाई के दौरान वार्षिक छात्रवृत्ति के साथ-साथ नामांकन के समय ट्यूशन फीस की भी दी जाती है। लेकिन जानकारी के अभाव में जिले के अधिकांश छात्र इस योजना का लाभ नहीं ले पा रहें है। यह भी पढ़ें- गया जी में युवाओं को रोजगार से जोड़ने का मेगा रोडमैप तैयारयोजना की विशेषताएँ विभागीय जानकारी के अनुसार, तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आईटीआई में अध्ययनरत छात्रों को प्रति वर्ष 5 हजार रुपये तथा सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को 10 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। इसके अलावा इंटरमीडिए...
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