सुपौल, अप्रैल 13 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में मक्का उत्पादन पर जलवायु परिवर्तन का प्रतिकूल असर साफ दिखने लगा है। राघोपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. नित्यानंद राय ने कहा कि अनियमित बारिश, तापमान में उतार-चढ़ाव और ओलावृष्टि के कारण मक्का की फसल प्रभावित हो रही है। इससे परागण प्रक्रिया बाधित होती है और उत्पादन में गिरावट आती है। उन्होंने बताया कि फॉल आर्मीवर्म जैसे कीट भी किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं, जो फसल की गुणवत्ता और मात्रा दोनों को नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं बाजार में उचित मूल्य नहीं मिलने और इथेनॉल उद्योग की सीमित मांग के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह भी पढ़ें- लाभ की खेती मक्का को घोड़पड़ास और जंगली सुअर का खतरा डॉ. राय ने कहा कि कई किसान अब भी मिट्टी जांच, उन्नत बीज चयन और संतुलित उर्वरक उपयोग ज...