सुपौल, मार्च 28 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। मध्य पूर्व देशों में जारी युद्ध का असर अब देश के औद्योगिक शहरों तक पहुंच गया है। इसका सीधा प्रभाव वहां काम कर रहे प्रवासी मजदूरों पर देखने को मिल रहा है। गैस की किल्लत और बढ़ती महंगाई ने मजदूरों की जिंदगी को कठिन बना दिया है, जिससे वे अब शहरों से पलायन कर अपने गांव लौटने को मजबूर हो रहे हैं। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, सूरत और मुंबई जैसे बड़े औद्योगिक शहरों से मजदूरों के लौटने का सिलसिला तेज हो गया है। मजदूरों का कहना है कि रसोई गैस की भारी कमी के कारण उनके सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। छोटे सिलेंडर में महज पांच किलो गैस भरवाने के लिए करीब 2000 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। ऐसे में उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा केवल गैस और खाने-पीने पर ही खर्च हो जा रहा है। बाकी जरूरी जरूरतों जैसे किराया, द...